हाल ही में Google की मूल कंपनी Alphabet ने Google Gemini 4 Argon नाम का नया AI मॉडल पेश किया है। कंपनी के मुताबिक, यह मॉडल कोडिंग, रिसर्च और लेख लिखने जैसे कई कामों में मदद कर सकता है। इसके अलावा, इसे खास तौर पर साइबर सुरक्षा से जुड़े कामों के लिए भी तैयार किया गया है।
ऐसे में Google Gemini 4 Argon सबसे खास बात यह है कि यह सॉफ्टवेयर में मौजूद सुरक्षा से जुड़ी कमियों को खुद खोज सकता है। इसके बाद उनकी जांच करके उन्हें ठीक करने में भी मदद कर सकता है। ऐसे में Google का यह कहना है कि इस मॉडल को इस तरह बनाया गया है, जिससे साइबर सुरक्षा से जुड़े काम पहले से ज्यादा आसानी और बेहतर तरीके से किए जा सकें।
Google Gemini 4 Argon फिलहाल कुछ खास साझेदारों के लिए ही उपलब्ध
एक और जरूरी बात Google ने इस नए Google Gemini 4 Argon को अभी सभी लोगों के लिए शुरू नहीं किया है। फिलहाल, कंपनी की ओर से बताया गया है कि इसे साइबर सुरक्षा से जुड़े कुछ खास साझेदारों को ही इस्तेमाल करने के लिए दे रही है। इसके लिए Google अपने Fairwind Program की मदद ले रहा है, जो इंटरनेट और कंप्यूटर की सुरक्षा से जुड़ा एक खास काम है।

वहीं दूसरी ओर कंपनी के मुताबिक, Google Gemini 4 Argon को इस तरह तैयार किया गया है कि यह सॉफ्टवेयर में मौजूद सुरक्षा से जुड़ी कमियों को खुद ढूंढ सके। साथ ही, यह भी जांच कर सके कि कमी सही में है या नहीं और उसे ठीक करने में मदद कर सके। Google ने Gemini 4 Argon के बारे में क्या बताया?
Google Gemini 4 Argon कोडिंग और इंजीनियरिंग के कामों में भी काफी मददगार
Google Gemini 4 Argon को कोडिंग और इंजीनियरिंग के कामों के लिए भी उपयोगी बताया गया है। Google के मुताबिक, कंपनी में काम करने वाले लोग इसका इस्तेमाल रोज के कामों में कर रहे हैं। इसकी मदद से कोड की गलतियां ढूंढने, उन्हें ठीक करने और पुराने कोड को नए सिस्टम के हिसाब से बदलने में मदद मिलती है। इसके अलावा, यह तस्वीरों, चार्ट और लंबे वीडियो में दी गई जानकारी को भी समझ सकता है। Google का कहना है कि यह मॉडल मुश्किल कामों को आसान बनाने और नए टूल्स तैयार करने में मदद कर सकता है।
AI की दुनिया में बढ़ रहा है मुकाबला
आजकल बड़ी टेक कंपनियां लगातार नए AI मॉडल ला रही हैं। हर कंपनी अपने मॉडल को पहले से बेहतर बनाने की कोशिश कर रही है। वहीं, AI के बढ़ते इस्तेमाल के साथ इससे होने वाले नुकसान पर ध्यान देना भी जरूरी है। इस क्षेत्र में OpenAI और Anthropic जैसी कंपनियां भी शामिल हैं। Google के मुताबिक, Google Gemini 4 Argon ने कई जांच में इन कंपनियों के कुछ AI मॉडल से बेहतर प्रदर्शन किया है। हालांकि, यह Google का अपना कहना है। असल में यह मॉडल कितना बेहतर है, इसे समझने के लिए दूसरी जांच के नतीजे देखना भी जरूरी है।
AI टेस्ट में बेहतर नतीजे देने का दावा
Google ने अपनी बात को सही साबित करने के लिए Vals नाम की कंपनी के आंकड़ों का भी जिक्र किया है। कंपनी के मुताबिक, Vals की सूची में Gemini 4 Argon ने अच्छा प्रदर्शन किया है। AI मॉडल की जांच करने के लिए कुछ खास टेस्ट किए जाते हैं। इनसे पता चलता है कि कोई AI टूल कोड लिखने, सवालों को समझने और मुश्किल कामों को पूरा करने में कितना अच्छा है।

हालांकि, सिर्फ इन टेस्ट के आधार पर किसी AI मॉडल को हर काम में सबसे अच्छा नहीं कहा जा सकता। यह इस बात पर भी निर्भर करता है कि उसका इस्तेमाल किस काम के लिए किया जा रहा है।
अब Gemini ऐप के बढ़ते यूजर्स
कुछ समय पहले तक AI की दौड़ में Google को दूसरी कंपनियों से पीछे माना जाता था, लेकिन Gemini ऐप के बढ़ते इस्तेमाल से कंपनी की स्थिति मजबूत हुई है। Google ने अगस्त में बताया था कि Gemini ऐप को हर महीने एक अरब से ज्यादा लोग इस्तेमाल कर रहे हैं। वहीं, OpenAI ने भी ChatGPT के एक अरब मासिक यूजर्स होने की जानकारी दी थी। इससे पता चलता है कि AI का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है और कंपनियां नए फीचर्स लाकर अपने टूल को बेहतर बनाने में लगी हैं।
निष्कर्ष
Google ने Gemini 4 Argon को साइबर सुरक्षा, कोडिंग और रिसर्च जैसे कामों के लिए बनाया है। फिलहाल, यह मॉडल कुछ चुनिंदा साइबर सुरक्षा से जुड़े लोगों के लिए ही उपलब्ध है। Google के दावे सही साबित होते हैं, तो यह मॉडल सॉफ्टवेयर की कमियां ढूंढने और तकनीकी कामों को आसान बनाने में मदद कर सकता है। हालांकि, आम लोगों को यह कब उपलब्ध होगा, इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
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